स्टाफ रुममे पैसैतछी त सुनैछी जे बच्चा भेलैन।हमर कान ठार भजाइय जे किनका बच्चा भेलनि ? हम कनिदेर अपन कानके ओहि गफसपमे ठार केने रखैतछी।उत्सुकता बढल जारहल छल जे किनका बच्चा भेलनि न ? हमरा पूरा जानकारी नहि भेटैत अछि ।चुपचाप दिमागके यम्हर स उम्हर चलबैतछी मुदा खास निचोड पर नहि पँहुच पबैतछी।किछुदेरके बाद स्टाफ रुमके शान्त पाबि सँगही बैसल एक साथी स पुछैतछी जे , ` किनका बच्चा भेलनि न ?´
` अँहाके नहि बुझल ?´
हम मुरीके नहिमे डोलबति छी।
` अहिके टि एल टीके ( विभाग प्रमुख )बच्चा भेलनि न।´
हमर ठोर पसरि जाइय।बदनमे एक दोसरे उर्जा लगैय प्रवेश कय गेल होय। हर्षक सिमाके पार नहि रहिजाइय।चहकि उठल छल नयन।नहि जाइन नयन कत कि सब सोच , देखमे व्यस्त भगेल छल ? कि देखतै ? सरके चहरा देख पँहुच गेल छलै।सर कतेक खुशी लगैत हेथिन आइ। एक नव भाव हेतै पूरा तनमन पर हुनकर पसरिगेल। एक त ओहिना रुप चुबै छनि।ताहुमे आई ओहिपर बाप बनबाक आनन्द ।गजबके लगैत हेथिन देखमे आजु ओ।खुशी स उछलति हेथिन आइ सोनामोनाके देखि । ओहो बच्चा जाक हेथिन भगेल।कखनो कखनो कालके हुनकर हरकत देखलाके बाद लगैत रहैत छल हमरा जेना कतेक मासुम छथिन सर । बिलकुल अबोध जाँ।
हम हुनका स पुछि बैसै छियनि जे कहिया – कखन भेलैन ?
`आइए भोर दिस भेल हेतैन ताय ने अहिठाम एघार बाह्र बजे दिस सब छलै बुझिगेल।´
`कि भेलनि न?´
`बेटी । अँहाके देखला स लगैय जेना अँहिके बेटी जन्मल होय।
`हमरा सभके मधेस दिस कहबी छै बेटा घरके होइतछै त बेटी भरि गामके ´कहि हम चुप भजाति छी । सचमे हमरा बड खुशी लागिरहल छल।हुनकर कहबीमे हमरा कनियो नहि अन्तर बुझारहल छल।याद परैय एक दिनक स्टाफ मिटिगं । जाहिमे सरके नाम धय प्रिन्सिपल बजने रहथिन जे आब बड अबेर भयरहल अछि। बेसी समय भगेल अछि जे ठीक बात नहि।अहि स बुझारहल छल जे बच्चा बाटे तका कय आयल छै ।
हँ ईह बात ओ साथी ठीके कहलखिन।अहिठाम सभमे तेहन खास किछु नहि देखारहल छलै। हँ बच्चा भेलनि न , बस भगेलै। लेकिन सचमे हमरा लागिरहल छल जेना हमरे घर नव सदस्य के आगमन भेल होय।मनमे अबैय सरके बधाई देबाक चाहिँ।फेर दोसर मनमे सोचाय लगैय कि नहि देबाक चाहिँ अखन।ओहुना त सर कहाँ मेसेज जल्दी देखैत छथिन ? मोनक खेलाबेलामे नहि लागि हम सरके मेसेज लिखैत छी।
`नमस्ते सर !
ह्युज कन्ग्राचुलेशन सर !
वार्म वेलकम टु वर्ल्ड , लिटिल वन (सोनामोना)।पेरेन्टहुड ईज वन अफ द मोस्ट मेजिकल जर्निज इन लाइफ।´
ह्वाट्सएप पर पठाकय पानिक बोतल लय हम पानि पिबलाय पानि आन चलिजाइत छी।पानि आनि पिबक काल्हिके लेल बच्चा सभके सिकाइके बास्ते किछु टाइप करबाक लेल मोबाइल उठबैछी त देखैछी जे सरके जबाब आयल छल।` हँ अतेक जल्दी ´ मोनेमोन बडबडाइत देखैत छी त आश्चर्यचकित रहिजाइत छी। सरके जबाब त तु तखने आबिगेल छलै।
` इनडिड म्याम !
थैक्यु !´
मेसेज पढि फेउर दिमाग सरके आगुपाछु विचरण करलागल छल।कतेक खुशी छथिन सर।बाप बनक आनन्द अपनेमे बहुत बडका सुखद अनुभुति होइत छै । कोना किछु लोक नहि जाइन अहि सुखद अनुभुति स अपनाके दुर रखैत छै ? मोन किछुदेरके लेल मनुहागेल छल। आँखि शुन्यके निहार लागल छल।
करिब सात आठ दिनक बाद सर मिठाइके डिब्बा लेने स्टाफ रुममे अबैत छथिन।सरके देखि हमर मोन हर्षित भय उठल छल।अकर नतिजा तन पर सेहो आभा दय रहल छल। सभके दिस मिठाइयक डिब्बा बढबति छथिन।सभगोटे बधाई दति छनि।हम मुह स चुप रहितोमे भाव स सरके बधाई दति ओहि वातावरणमे पुर्णतरह स सामिल भगेल छलौ।सभके धन्यवाद कहैत हमरो दिस ताकि हमरो रहि रहि दु तीन बेर धन्यवाद कहैत छथिन।हम किछु देर ठकबका जाइत छी जे हम किछु नहि बजितोमे सर किया हमरा धन्यवाद पर धन्यवाद दय रहल ? फेउर सोचाइय जे कहु सरो हमर भाव त नहि सुनिगेल या फेर मेसेजके धन्यवाद त बेर बेर नहि दयरहल छथि। जरुर उवाह कुनो बात हेतै।
सर मिठाइके डिब्बा हमरा दिस बढबति छथिन।
`हमरा दुटा चाहिँ।´ हम कहैत छियै।
सर ` हेतै ! किया नहि ।´ कहि हँसलगैत छथिन।ईह खुशीमे पहिने सरके खुवाब परलै से सोचि हम मिठाइ उठबति छी त दु टुक्री भजाइत छै। ताजा तुरुन्ते बनल छलै ताय एना सायद भगेल हेतै।हम सरके दिस ताक लगैत छी सर किछु धरफरा जाइत छथिन।हम अपन विचार मनहीमे राखि एक टुक्री हाथमे उठालति छी।
एकगोटा पुछिदति छथिन सर स जे ` कोना भेल बच्चा ? नर्मल ( प्राकृत ) कि शल्यक्रिया ? ´
` नरमल नहि ।शल्यक्रिया स भेलैय। माय बच्चा दुनु स्वस्थ्य छै।काल्हिए घर एलै।घरमे सबकिछु मिलबितौ कतौ किछु नहि मिलल जा लगैत रहिगेल।बहुत राति धरि ओकरेमे सभगोटा लागल रहिगेलौ।´
किछुदेर चुप रहि`ओ त अपना दिस तानैत रहैत छै।´ सर हँसैत कहैत छथिन।
` जी ! आब अपनेके बाहर बाहर घुमनाइ आर सझुका लाइव शो सबमे जेनाइ सब छुटिजायत।आब सिधे अत स घर ।´
हमर कहब सुनि कनिदेर बकर बकर सर हमरा ताक लगैत छथिन।सरके मुह पर इह कोना जनैत छै ईह बात सब ? से भाव फलि गेल छलनि।
किछुदेरक बाद हैसैत कहैत छथिन।` सही कहलौह म्याम ।´
सरके देख कय हमरा सोचारहल छल कतेक जिम्मेवार आदमी छथिन।जाबेधरि मायबच्चा हस्पिटलमे छलै सर ओतै रहलखिन।सचमे भाग्येवालाके एहन पति आर बाप भेटैत छै।नहि त कहाँ लोकके अतेक फुर्सत ? नोकरिए छुटैत रहैत छै सभके सबदिन।लगैत रहैत छै हाइ रे नोकरी । तु पहिने तकरे बाद किछु।हँ ईह बात सही छै `काज, काज होइत छै ।´ मुदा बेर मौकाके देखि जे कखन कुन काजके बेसी अहमियत देल जाय। लोक दिनमे जाक देखआयल ।रातिमे आराम फरमाब फेउर घरमे चलि आयल।माय बहिनके जिम्मा लगादेलक। हुनको घरपरिवार त अतै छलनि मुदा ——-।इयाह चिज लोकके बडका बनबति छै।
हमरा सोचारहल छल बच्चा केहन देखबामे हेतै ? फेउर मोनमे आवाज अबैत अछि कहु सरे सनके ने होइ ।हम सभ स पुछि बैसैत छियै जे ,` अँहा सभ बच्चियाके देखलियैय ? माने फोटो चाहे किछु ? केहन छै बच्चा ? सरे सनके कि —? ´
स्टाफ रुममे एकगोटा हमरा कहैत छथिन `लिय देखलिय सरके बच्चियाके केहन छै।बड अँहा सोचै छलौह तहन स केहन छै, केहन छै ?´
` कत हम देखु ? देखाउन ।कत अँहा देखरहल छियै ?´
` सोसल मिडिया पर।सरअपन वाल पर धेने छथिन।´
` दिय त कनि हमहु देखु।´
` अपन मोबाइलमे देखुन।पुरान नहि भजायत ।´
` से बात नहि।हमरा खोल परत ।अँहाके खुजल अछि।´
बात ईह छलै जे हम आ सर दुनुगोटे सोसल मिडिया पर एकदोसरके मित्र नहि छलौ।ताय ईह अनलाइन जानकारी स हम बंचित रहिगेल छलौ।ताहिदुवारे ईह हमर बहाना छल जे अँहाके खुजल अछि आर हमरा खोल परत।
हम बच्चियाके फोटो देख लगैत छी ।सरक मुह स बच्चियाके मुह मिलब लगैत छी।सरके झलक आबिरहल छलै।सरे सन ओहने ओहने लगैत छलै।गोलकी मुह।उच कपार।गोर ढाबुस।माथ झापल छलै से केश नहि देखारहल छलै। हमर मुह स निकलि जाइत अछि देखियौन , ` सरे सनके लगैत छै।´
` छनि हुनकर बेटी त लगैत ककरा सनके ? ´
` हेय! हम मजाक नहि कायल।सच कहिरहल छी।´
`हमहु सभ त सेहे कहिरहल।´
हम गोटे मजकिया हँसी हँसल छलखिन।
` से बात नहि । माय दाइबाबा ,पिसि ,मौसी ककरो पर जा सकैत छै ने।´
मोनेमन कहैत छियै ईह प्राविधिक युग कतेक सुन्दर छकि।नहि त आइ ईहे देखलाय मोन लागल रहैत।अखन त जायबेर मोन होइय जाक अनलाइन सामाजिक सञ्जाल पर देखसकैत छी।
समय बितैत कहु बेर लगलैय।देखिते देखिते साल बित लागल छलै।हम सरके धाक मान बाली कहियोकाल धकाइते सर स सोनामोनाके बारेमे पुछिलति छलियै।सर बड रसलक सुनादति छलथि ओकर हालचाल।कोनो कोनो ओकर हरकत सुनाक सर हँसलगैत छलखिन। बापक छविवाला रुपमे सर हमरा आउर सुन्दर लगैत छलथि।सोनामोनाके बारेमे कहैत काल नयनमे गजबके चमक चलिअबैत छलनि त वाणी मधुर करुणा भरल भजाइत छलनि।हम सरक अलग ई छविके गर स निहारति रहैत छलियै।
मनेमन सोचैत छलियै जे बाप बनला पर आदमीमे अतेक परिवर्तन अबैत छै ने ? ओना बाप शब्द हमरा शब्दे तक सिमित लगैत छल।हमही ओ मनुष छियै जे कहैत रहैत छलियै आर कहैत छियै जे अगर पुरुषक हृदयमे बापक भाव कनिको रहितै त कि वेश्यालयमे बच्चा रहितैक ? रखैलके बच्चा बिनु बापके कहबैतैक ? कुमारि माय सनक शब्द कतौ कुनो शब्दकोषमे रहितैक ? मोनमे अबैय काश सभ पुरुषक हृदय नहि सर जाँ त कनियो कुनो कोनामे बापक मर्म रहितैक ? तब सायद बलात्कार शब्दके जन्म नहि रहितै भेल।सभ बच्चाके नसीबमे मायबापक दुनुक दुलार रहितै। कुनो बच्चाके जनमिते दुनियाँक ईह कुरुप रुप नहि देख परितै ।ईह दुनिये तब दोसर दुनियाँ अनमोल रहितै।
काल्हि सोनामोना एक वर्षक होब जारहल छलै।सच कहि त आइतकि हम ओकरा नहि देखल दुनु अपन खुजल नयन स ।मुदा हमर बन्द आँखिमे ओ सबदिन उतरल रहैत छल।आब एक महिनाके भेलै त आबाज सुनिक हँसैत हेतै।चारि महिनाके भेलै त आब उल्ट लागल हेतै।छ महिनाके भेलै त ठेहुनिया मारि गुरकति हेतै।दाँतो आबलागल हेतै ।आठ महिनाके भेलै त अपने स ठार भय देबाल पकरि चलैत हेतै ।नअ – दस महिनाके भेलै , सर हेथिन घर पँहुचति त पापा पापा कहैत सर लग दौगक जाइत हेतै। हमरा याद परिजाइय एकदिन सरके कहल बात जे आब खुब चल लागल छै।यम्हर स उम्हर जाक हरहोर मचेने रहैत छै।खसैत परैत रहैत छै।अपना डर लगैत रहैय कखनो कतौ चोट नहि लागि जाइ । सोचाइय हमरा सोनामोना सरके पापा पापा कहैत छै कि डैडी डैडी ?
हमरा याद छल काल्हि सोनामोनाके पहिल जन्मदिन छै।पत्ता नहि किया ने किया मोनमे आयल किछु सनेस देब परलै सोनामोनाके ओकर जन्मदिन पर। फेउर मोन डेरागेल जे ओ सभ बडका आदमीके बडका बात हेतैन।हम छोटछिन आदमी किछु देबै आर कहु ओ —-।आइकाल्हि त ई नहि त ईह नहि।अतेक लोक नअ रंगके बात पर ध्यान दति छै से हरे हँ।ईह नहि पहिरतै त ओ नहि पहिरतै । ईह नहि खेतै त ओ नहि खेतै ?।ई खराबी कयदेतै त ओ खराबी कय देतै। दिमागमे बाईस रंगके बात चलिरहल छल।फेउर तेहन किछु भारीभरकम देबाक अपन आँटो त नहि छल। मनमे आयल जे बाबू छोट रहै तअ अहि स बड खेलाइत छलै।ओकरा इह बड पसन्द रहै सोचिक किया नहि हमहु सोनामोनाके ईहे दिइ।सय प्रतिशत ओकरो नीक लगतै।हमहु सोनामोना लाय ओ लालपियर कागजमे लेपटायक लअआयल छलौ।सरके जाक देब परलै से कहि छुट्टी भेलापर सनेसके कपी स नुकेने केउ देखे नहि कहि सरके अफिसक गेट पर पँहुचति छी।सर देखितै कहैत छथिन, ` कहु कि बात ? ´
अपना कनिक लटर पटर छल जे काल्हिए सोनामोनाके जन्मदिन छै कि परसु ? ओना लगैत छल जे काल्हिए छकि।हम सर स कहैत छी, ` सर काल्हि त सोनामोनाके वर्थ डे छकि ने ? ´ आवाजमे हमर खुशी आर उत्सुकताके मिश्रण छल।
सर हमर मुह दिस ताक लगैत छथिन।कनिदेर रुकि क कहैत छथिन।` हँ काल्हिए छै।अँहाके याद अछि ?´
हम सर दिस ताकि नयनक ईशारा स हँ मे माथ डोलबति छी।हम शरु ए स ओकरा सोनामोना कहियाल छलियै।सर हमरा दिस आश्चर्यचकित भय ताकि रहल छलखिन । सनेस निकालि सरके बढबति कहैत छियै।` ईह सोनामोना लेल।´
सर लति कहैत छथिन, `ओकरा पसिन एतै।´
हमर मुह स एकब्याग निकैलजाइय जे` तेहन त किछु नहि छै।´आवाज हमर बहुत नरम आर सिहरल छल।
सर हमर भाव पढिलति छथिन।हमरा अहितरह स देखि कहैत छथिन।` अँहाक अनुराग ओकरा लग पँहुच जेतै। एकटा हमरा देखियो अखन धरि अहिठाम छियै।´ सर देवाल घडी दिस तकैत छथिन।छुट्टी भेला आधा घण्टा स उपर भगेल छलै। हमरो सोनामोनाके जन्मदिनक सनेस जे देबाक छल।आइ नहि दितियै त काल्हि सार्वजनिक बिदा छलै।अहिमे लागि हमहु अखन धरि स्कुलेमे छलौ ।
`ओकर माय फोन पर फोन कय रहल छथिन आउर बापके इह ताल।´ कहि सर हमरा दिस तकैत मुस्कति छथिन।
हम किछु नहि बाजि सरके सुनिरहल छलौ।सर सनेसके उठबति `थैक्यु ´ कहैत ब्यागमे धक फेउर थैक्यु कहैत छथिन।हम निकल लगैत छी त सर `म्याम ´ कहैत छथिन।सरके आवाज सुनि हम रुकि पलटिक सर दिस तकैत छी।
` हमरा खुशी लागल । ओ बड खुशी हेतै। अगेन थैक्यु ! थैक्यु म्याम !´
हम आँखिक ईशारा स ` धन्यवाद ´ कहैत बिदा भजाइत छी।नीक लागिरहल छल अपना जे सर सहर्ष स्वीकार कयलेल।कतौ कतौ किछु अपना डर छल जे सर कि करता ? तकर पार भगेल छलौ।
परात भने सर स्टाफ रुममे अबैत छथिन।नमस्ते कय हम अपन काजमे लागि जाइत छी ।सरके हम ठारे देखैछियनि स्टाफ रुममे। सरके किनको स किछु काज हेतनि सोचि हम अपन काजमे लागल रहिगेल छलौ।सर ` म्याम ´ कहैत छथिन।स्टाफ रुममे बैसल दोसर स्त्री शिक्षक सभ तकैत छथिन।
` हुनका कहलियेन ´ से कहि सर फेउर` म्याम ´ कहैत छथिन।हम सर दिस तकैत छी ।सर बड भावुक लागिरहल छलखिन।हमर नयन सरके नयन स जा मिलल छल।
सर कहैत छथिन,` सी लाइक्स इट। ओकरा नीक लगलै। चक्लेट आर ओ अतेक नहि।गेन्द बड नीक लगलै।खुब खुशी छलै दुनु हाथमे दुनु गेन्द लय।´
हमर खुशी शिखर छुब लगैय।अपन खुशीमे सरके सेहो सामिल पाबि मोन गगनचुम्बी पर नाच लागल छल।नयनक पपनी सभ हर्षक सागरमे भिजरहल छल।गर्व भय रहल छल अपन ममत्व पर ।अपन दुलार पर। भितर उठिरहल अलारदुलारक हिलकोर पर।माय बस माय होइत छै।ओकर स्नेह स भरल आँचर त सभलेल समान होइत छै।
लेखक – सुधा मिश्र














Discussion about this post